तिहाड़ से रिहा होते ही सौरभ दास ने दी चेतावनी, कहा- मर्यादा बनाए रखें, हम भी कार्रवाई कर सकते हैं

CJP के सह-संयोजक सौरभ दास ने मीडिया और अन्य लोगों से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की।

दो आदमी माइक्रोफोन के सामने खड़े हैं, एक मुस्कुरा रहा है और दूसरा देख रहा है।
मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद सौरभ दास ने मीडिया से बात की।
मुख्य बातें

तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद, CJP के सह-संयोजक सौरभ दास ने मीडिया और अन्य लोगों से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने और मर्यादा बनाए रखने की अपील की, साथ ही यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे भी कार्रवाई कर सकते हैं।

  • सौरभ दास और आशुतोष रांका 23 अक्तूबर को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में SEM के समक्ष पेश हुए।
  • उनके खिलाफ दर्ज 2 अलग-अलग मामलों के संबंध में पूछताछ की गई।
  • सौरभ दास ने सभी से एग्जीक्यूटिव कोर्ट की कार्यवाही का सम्मान करने का अनुरोध किया।
  • उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तय है।
  • दोनों नेताओं को बुधवार को तिहाड़ से रिहा किया गया था।
  • उन्होंने शांति भंग न करने और जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान न करने का हलफनामा दिया है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका आज (शुक्रवार, 23 अक्तूबर) को भी मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश हुए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों के संबंध में उनसे पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने जांच में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को अतिरिक्त समय मांगा था, इसी के तहत वे SEM के समक्ष पेश हुए थे। वहां से निकलने के बाद सौरभ ने मीडियावालों समेत सभी लोगों से मर्यादा बनाकर रखने की अपील की लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह भी ऐक्शन ले सकते हैं।

मंदिर मार्ग थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए सौरभ दास ने कहा, “मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि एग्जीक्यूटिव कोर्ट में चल रही कार्यवाही का सम्मान करें... हम इस कार्यवाही के बारे में मीडिया के साथ कोई जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। जो लोग जानकारी लीक कर रहे हैं, उन्हें भी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। उन्हें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि जरूरत पड़ने पर हम भी कार्रवाई कर सकते हैं। सभी को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए।”

ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तय है

उन्होंने आगे कहा, "...जहां तक ​​हमारी भविष्य की योजनाओं की बात है, तो इस पर सभी लोग मिलकर फैसला लेंगे। यह कोई ऐसा फैसला नहीं है जिसे सिर्फ CJP अकेले ले। इस आंदोलन से कई लोग जुड़े हुए हैं, और सभी लोग चर्चा करके तय करेंगे कि आगे क्या कदम उठाना है।" इसके बाद उन्होंने कहा, “लेकिन ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तय है।”

बुधवार को तिहाड़ से रिहा हुए हैं दोनों

बता दें कि SEM ने बुधवार को सौरभ दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद ही दोनों नेताओं की तिहाड़ से रिहाई हो सकी। दोनों ने SEM को हलफनामा दिया है कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर अधिसूचित धरना स्थल नहीं है, तब तक वहां विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। इसके साथ ही दास और रांका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया था। 13 अक्टूबर को प्रदर्शनों के दौरान शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर, संसद मार्ग थाने की पुलिस ने निवारक कार्रवाई के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत दोनों नेताओं के खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी।

प्रकाशित: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | 7:50 PM IST

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