समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश या अन्य किसी हिंदू देवी-देवता को भगवान नहीं मानने या उनकी पूजा नहीं करने की शपथ पर विवाद के बाद साफ किया है कि वह हिंदू हैं और इसी धर्म में रहेंगे। उन्होंने हिंदू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि झूठ फैलाया जा रहा है। सपा के प्रवक्ता ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं कि और भारतीय बौद्ध महासभा के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें वह ब्रह्मा, विष्णु, महेश समेत अन्य हिंदू देवी-देवताओं को भगवान नहीं मानने और उनकी पूजा नहीं करने की शपथ लेते दिख रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि उन्होंने हिंदू धर्म का त्याग कर दिया है और बौद्ध धर्म अपना लिया है। खबर जंगल में आग की तरह फैली तो भाटी ने एक वीडियो मैसेज के जरिए अपनी बात रखी और हिंदू धर्म छोड़ने की अटकलों को खारिज किया है।
भाटी ने कहा कि वह 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मैं मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुए थे। उन्होंने कहा कि एक सच्चा समाजवादी होने के नाते वह प्रत्येक धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करते हैं और जो भी अपने कार्यक्रम में सम्मान के साथ आमंत्रित करता है उसमें सम्मिलित होते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं सिख भाइयों के बुलावे पर गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहब को मत्था टेक कर भी आता हूं। मुस्लिम भाइयों के बुलावे पर उनकी मजलिस में भी शामिल होता हूं। हिंदू धर्म के तीज-त्योहारों में भी सम्मिलित होता हूं।'
हिंदू धर्म छोड़ने का इरादा नहीं: भाटी राजकुमार भाटी ने हिंदू धर्म छोड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा, 'बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति मेरा विशेष आकर्षण है और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं । बाबा साहब के विचारों का भी मेरे ऊपर गहरा प्रभाव है । लेकिन कल के कार्यक्रम के बाद बीजेपी आईटी सेल और अंधभक्त कट्टर वादियों ने सोशल मीडिया पर मेरे प्रति दुष्प्रचार कर रखा है कि मैंने हिंदू धर्म त्याग दिया है और धर्म परिवर्तन कर लिया है। मैं बाबा साहब की शिक्षा और गौतम बुद्ध के बताए उपदेशों का भरपूर समर्थन करते हुए यह गहरा विश्वास रखता हूं कि मुझे धर्म परिवर्तन करने की ना तो कोई आवश्यकता है ना ऐसा मेरा कोई इरादा है। हम किसी भी धर्म में रहकर मानवता की सेवा कर सकते हैं और भेदभाव, छुआछूत, घृणा, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ बोल सकते हैं। कृपया भाजपा आईटी सेल के दुष्प्रचार में न फंसे और कोई गलतफहमी न पालें धन्यवाद। जय भीम। नमो बुद्धाय।'
प्रकाशित: बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | 12:43 PM IST

