रणजी ट्रॉफी में 77 साल बाद दोहराया गया इतिहास, चिनमय सुतार ने जड़ा चौगुना शतक

मिजोरम के बल्लेबाज चिनमय सुतार ने रणजी ट्रॉफी में 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया है।

एक क्रिकेटर नीली टोपी, धूप का चश्मा और सफेद जर्सी पहने हुए क्रिकेट बैट पकड़े हुए है।
चिनमय सुतार ने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों में नाबाद 400 रन बनाए, जिसमें 46 चौके और 7 छक्के शामिल थे।
मुख्य बातें

रणजी ट्रॉफी में मिजोरम के बल्लेबाज चिनमय सुतार ने 77 साल बाद एक पारी में 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने नागालैंड के खिलाफ प्लेट ग्रुप मैच में यह उपलब्धि हासिल की, 517 गेंदों में 46 चौके और 7 छक्के लगाकर नाबाद 400 रन बनाए।

  • चिनमय सुतार रणजी ट्रॉफी में चौगुना शतक बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं।
  • उन्होंने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों में नाबाद 400 रन बनाए।
  • सुतार ने अपनी पारी में 46 चौके और 7 छक्के लगाए।
  • बीबी निंबालकर ने 1948-49 में 443 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाया था।
  • सुतार ने 11वें नंबर के बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक के साथ 189 रन की साझेदारी की।

रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दूसरे राउंड के मुकाबले खेले जा रहे हैं। सोमवार को इस टूर्नामेंट में एक इतिहास रच दिया गया। मिजोरम के बल्लेबाज चिनमय सुतार रणजी ट्रॉफी के इतिहास में चौगुना शतक बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले बीबी निंबालकर ने 1948-49 के सीजन में 443 रन बनाकर नाबाद रहे थे। यानी 77 साल बाद किसी बल्लेबाज ने ये कारनामा किया है और इतिहास के सुनहरे अक्षरों में अपना नाम दर्ज कराया है।

29 वर्षीय सुतार ने सोमवार को सोविमा में नागालैंड के खिलाफ प्लेट ग्रुप मैच के दूसरे दिन के तीसरे सत्र में 181 रन से अपनी पारी फिर से शुरू करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। ​​सुतार ने यह उपलब्धि 517 गेंदों में हासिल की। ​​उन्होंने 46 चौके और सात छक्के लगाकर 400 रन नाबाद बनाए। मिजोरम ने उनकी शानदार बल्लेबाजी के बाद 581/9 पर पारी घोषित कर दी। सुतार ने इस महीने की शुरुआत में अपनी टीम के पहले मैच में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 रन बनाकर आउट होने के बाद उन्होंने दूसरी पारी में 99 रन बनाए।

बता दें कि सुतार ने इसी साल जनवरी में विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ मुंबई क्रिकेट के लिए अपना पहला लिस्ट ए मैच खेला था। वह 2 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। उस मैच में यशस्वी जायसवाल, मुशीर खान, तुषार देशपांडे, सिद्धेश लाड और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ी भी खेले थे। उन्होंने 2019 एशियाई क्रिकेट परिषद इमर्जिंग टीम्स कप में भारतीय इमर्जिंग टीम का भी प्रतिनिधित्व किया था।

11वें नंबर के बल्लेबाज ने दिया अच्छा सहयोग सुतार के इस चौगुने शतक में बड़ी भूमिका 11 नंबर के बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक ने निभाई। 392 रन पर नौवां विकेट गिरने के बाद छकछुआक ने छोर संभाले रखा। उन्होंने 76 गेंदें खेलीं और 14 रन बनाकर नाबाद रहे। आखिरी विकेट की साझेदारी में 189 रन की नाबाद साझेदारी हुई। सुतार दूसरे छोर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे। उनके दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम का अगला सर्वश्रेष्ठ स्कोर जेहू एंडरसन का 69 रन था।

रणजी ट्रॉफी की 9 सबसे बड़ी पारियां और बल्लेबाज रणजी ट्रॉफी में सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड निंबालकर के नाम है। उन्होंने 1948-49 के सीजन में 443 रन बनाकर नाबाद पारी खेली थी। उनके बाद अब 400 रन बनाकर चिनमय सुतार दूसरे नंबर पर आ गए हैं। पृथ्वी शॉ (379) तीसरे, संजय मांजरेकर (377) चौथे, एमवी श्रीधर (366) पांचवें, तनाय अग्रवाल (366) छठवें, विजय मर्चेंट (359 नाबाद) सातवें, समित गोहेल (359 नाबाद) आठवें और वीवीएस लक्ष्मण (353) नौवें स्थान पर हैं।

प्रकाशित: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 | 8:25 PM IST

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