राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 तक पहुंच गया, जिसके बाद हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। प्रदूषण बढ़ने के कारण दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। हवा की धीमी गति, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियां समस्या को गंभीर बना रही हैं।
GRAP-2 के तहत प्रदूषण कम करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। इनमें सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना शामिल है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
खराब हवा के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को अधिक दिक्कत हो सकती है। आंखों में जलन, खांसी, गले में परेशानी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
लोग क्या सावधानी रखें?
प्रदूषण अधिक होने पर बाहर व्यायाम करने से बचें।
जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।
बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक बाहर जाने से बचाएं।
सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
स्थानीय AQI की नियमित जानकारी लेते रहें।
दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 11:42 AM IST

