बेंगलुरु में वैज्ञानिक की मौत: परिवार ने लगाया काम के तनाव का आरोप, ADA ने नकारी जानकारी

47 वर्षीय वैज्ञानिक ने आवासीय इमारत से कूदकर दी जान, पुलिस कर रही है मामले की जांच।

पुलिस अधिकारी सड़क पर खड़े हैं, जबकि एक व्यक्ति की तस्वीर एक नारंगी घेरे में दिखाई गई है।
बेंगलुरु में एक वैज्ञानिक की मौत के बाद उनके परिवार ने काम से जुड़े तनाव को मुख्य कारण बताया है।
मुख्य बातें

बेंगलुरु में एक 47 वर्षीय वैज्ञानिक की मौत के बाद, उनके परिवार ने काम से जुड़े भारी तनाव और मानसिक दबाव को आत्महत्या का कारण बताया है। हालांकि, एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) प्रशासन ने इस तरह के किसी मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।

  • बेंगलुरु में 47 वर्षीय वैज्ञानिक शरद कटियार ने एक आवासीय इमारत से कूदकर जान दे दी।
  • वह एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) में सीनियर वैज्ञानिक थे और LCA Mk2 प्रोग्राम से जुड़े थे।
  • परिवार का आरोप है कि काम के भारी तनाव और मानसिक दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
  • कटियार का एक प्राइवेट अस्पताल में डिप्रेशन का इलाज चल रहा था और उन्होंने NIMHANS से भी सलाह ली थी।
  • ADA प्रशासन ने कहा कि उन्हें वैज्ञानिक के तनाव या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी समस्या की जानकारी नहीं थी।
  • पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 194 के तहत अननैचुरल डेथ रिपोर्ट दर्ज की है।

बेंगलुरु के सीगेहल्ली इलाके में एक 47 साल के वैज्ञानिक ने एक आवासीय इमारत से कूदकर जान दे दी। मरने वाले की पहचान शरद कटियार के रूप में हुई है। वह शहर में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के प्रोग्रामिंग विभाग में सीनियर वैज्ञानिक के पद पर काम करते थे और लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk2 प्रोग्राम से जुड़े थे। कटियार अपने परिवार के साथ सीगेहल्ली के एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल पर रहते थे।

क्या है परिवार का आरोप?

परिवार का आरोप है कि लंबे समय से काम से जुड़े भारी तनाव और मानसिक दबाव की वजह से कटियार की मानसिक हालत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। परिवार की शिकायत के मुताबिक, कटियार एक महीने से ज्यादा समय से वर्कप्लेस पर बहुत ज्यादा तनाव में थे। इस तनाव ने उनकी मेंटल हेल्थ पर गहरा असर डाला। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने बताया कि एक प्राइवेट अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराने और डिप्रेशन का पता चलने के बावजूद भी काम की जगह पर दबाव बना रहा। परिवार का कहना है कि इलाज के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आया और तनाव जारी रहा।

चल रहा था इलाज

रिपोर्ट के अनुसार, 21 अक्टूबर को कटियार मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (NIMHANS) गए थे। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें दवा दी। परिवार के मुताबिक, इस सलाह के बाद भी काम से जुड़ा दबाव कम नहीं हुआ। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 194 के तहत अननैचुरल डेथ रिपोर्ट (UDR) दर्ज की है। कटियार की पत्नी और माता-पिता के बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। मौत के हालात की जांच जारी है और पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है।

क्या बोला एडीए प्रशासन? वहीं, इस घटना पर ADA के प्रशासन और ह्यूमन रिसोर्स डायरेक्टर कृष्ण राजेंद्र ने कहा कि एजेंसी को इस तरह के किसी मामले की कोई जानकारी नहीं थी। राजेंद्र ने आगे कहा कि मैंने उनके कुछ साथ काम करने वालों से बात की, और उन्होंने भी कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन ने कई बार मेंटल स्ट्रेस मैनेजमेंट के कार्यक्रम आयोजित किए थे, ताकि कर्मचारियों को मानसिक तनाव से निपटने में मदद मिल सके।

प्रकाशित: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 | 8:54 PM IST

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