ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी, इन दिनों उत्तर प्रदेश में काफी एक्टिव दिख रहे हैं। मुस्लिम वोटों के सहारे ही सही वो सूबे की सियासत में AIMIM की जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। असदुद्दीन ओवैसी, उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधने के बजाय मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी पर ज्यादा हमलावर हैं। रामपुर के बाद कैराना की जनसभा में असदु्द्दीन ओवैसी ने एक बार फिर एक ऐसा बयान दिया, जिससे राज्य की सियासत में काफी हलचल देखी गई।
सियासी शतरंज पर ओवैसी का दांव
कैराना में ओवैसी ने अखिलेश यादव और उनके परिवार पर सीधा हमला बोला। ओवैसी ने उन मुस्लिम+यादव बाहुल्य सीटों का जिक्र किया जहां से पहले मुसलमान प्रत्याशी जीता करते थे और बाद में वहां से अखिलेश यादव के परिवार के लोग जीतने लगे। कैराना की रैली में ओवैसी ने कहा- ‘बदायूं लोकसभा सीट से मुसलमान सांसद बनता था। अब अखिलेश यादव के भाई वहां से सांसद बन गए। एक जमाना था फिरोजाबाद सीट मुसलमान सांसद बनता था, अब वहां से अखिलेश के परिवार के लोग सांसद बन गए।’
सत्ताधारी भाजपा से ज्यादा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया सपा पर क्यों इतना हमलावर हैं? विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन में शामिल होना चाहता है AIMIM? और सपा को किस बात का है टेंशन...आंकड़ों की जुबानी समझते हैं ये पूरी कहानी
सपा पर ज्यादा भरोसा
बता दें कि 2017 विधानसभा चुनाव के मुकाबले 2022 में 10 मुस्लिम प्रत्याशी ज्यादा जीते। 2022 के विधानसभा चुनाव में 34 मुस्लिम प्रत्याशियों ने जीत हासुल की थी, वहीं 2017 विधानसभा चुनाव में 24 मुस्लिम विधायक विधानसभा में जीत कर आए थे। सभी 34 मुस्लिम विधायक समाजवादी पार्टी गठबंधन के थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के 37 सांसदों में चार मुस्लिम सांसद भी जीत हासिल की थी। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के कुल पांच सांसदों में से तीन मुस्लिम सांसद थे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो 58 फीसदी मुसलमानों ने सपा को वोट दिया था। 2022 के यूपी चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं का 80 प्रतिशत वोट सपा के खाते में दर्ज हुआ था। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी सपा को 55 फीसदी मुस्लिम वोट मिले थे।
उत्तर प्रदेश में AIMIM का हाल
AIMIM ने 2017 के यूपी विधानसभा का चुनाव 38 सीटों पर लड़ा था। 37 सीटों पर पार्टी की जमानत जब्त हो गई थी। इस चुनाव में AIMIM को 2,04,142 वोट मिले थे। वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे सिर्फ .49% वोट मिले थे और एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई थी। वहीं लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम ने पल्लवी पटेल की अपना दल कमेरावादी समेत कई दलों के साथ मिलकर पीडीएम न्याय मोर्चा बनाया। यह मोर्चा सपा चीफ के पीडीए फॉर्मूले के मुकाबले के तौर पर पीडीएम बनाया गया था। जिसमें पिछड़ा, दलित मुसलमान की बात की गई थी। इस मोर्चे ने 25 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, हालांकि इसमें AIMIM का एक भी प्रत्याशी नहीं था।
उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी पर ज्यादा हमलावर दिख रहे AIMIM को लेकर सियासी जानकारों का कहना है कि, असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी की कमजोर कड़ी पकड़ ली है। वे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर दबाव बना रहे हैं कि या तो वे AIMIM को इंडिया गठबंधन में शामिल करें। अगर सपा और कांग्रेस ऐसा नहीं करते हैं तो वो मुस्लिम वोटों से हाथ धोने का डर भी दिका रहे हैं। ऐसे स्तिथि में अखिलेश यादव के लिए खतरा ही खतरा है। यदि वह औवैसी को साथ नहीं लेती है तो सपा के मुस्लिम वोटों सेंध लगना तय है।
प्रकाशित: मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 | 2:10 PM IST

